इस तस्वीर को देखकर शायद ही ऐसा कोई जो जिसके रोंगटे न खड़े हो गए हों…. आधे लोग तो शायद इस महिला की तस्वीर तक न देख पाएं, सामने से इस हालत में देखना तो उनके लिए बहुत दूर की बात होगी! लेकिन इस महिला की यह तस्वीर हर किसी को देखनी चाहिए, जरूर देखनी चाहिए… यह महज एक तस्वीर नहीं ये आईना है हमारे प्रदेश की स्थिति का… खासकर पहाड़ी जिलों के हालात क्या हैं, ये अंदाजा आपको एक बार फिर हो जाएगा! आपदाएं आती हैं, लोग सड़क पर आ जाते हैं, कई लोग जंगली जानवरों का शिकार होते हैं…उनके अपने हर पल घुट घुट के रोते हैं… ये सिलसिला बदस्तूर जारी है। माना कि ये एक बेहद दुखद हादसा है, लेकिन ऐसे हादसों से क्या सबक लिया जाता है। आए दिन हो रहे ऐसे घटनाक्रमों से आमजन बेहाल है। कुछ तो करना ही होगा, किसी को तो पहल करनी ही पड़ेगी! हम यूं ही अपने अपनों की जान कब तक जोखिम में डालते रहेंगे? अगर कुछ नहीं हो सकता तो ये साफ कर देना चाहिए, फिर पहाड़वासियों की मर्जी कि वो अपनी जन्मभूमि को छोड़ पलायन कर ही जाएं। फिर सरकार भले पलायन की कितनी भी चिंता क्यों न जाहिर करती रहे ….
नोट : दुखद घटना उत्तराखंड के चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक के पाव गांव की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, गांव की 42 वर्षीय रामेश्वरी देवी घास लेने जंगल गई थीं, तभी भालू ने महिला पूरा चेहरा नोंच लिया था। महिला के शरीर के कई हिस्से बुरी तरह जख्मी हो गए थे।
